Bitter Gourd Farming Guide
1. Sowing Season
- Grown mainly in Summer and Kharif season.
- Suitable for tropical and subtropical climates.
- Best sowing months: February–March and June–July.
2. Seed Rate
- Recommended seed rate: 4–5 kg/ha.
3. Spacing
- 60 × 100 cm
- or 150 × 200 cm, depending on variety and training system.
4. Manure and Fertilizers
- Farmyard manure: 20–25 MT/ha.
- Chemical fertilizers: NPK 20:30:30.
- Add micronutrients as needed based on soil test.
5. Irrigation
- Crop duration: 100–110 days.
- Requires 8–10 irrigations in total.
- Irrigation interval: 8–10 days.
6. Factors Affecting
- High temperature
- Heavy rainfall
- Climatic conditions
- Soil health
- Water pH
- Pest and insect attack
1. बुवाई का मौसम
- ग्रीष्म व खरीफ मौसम में खेती।
- उष्णकटिबंधीय व उपोष्णकटिबंधीय जलवायु उपयुक्त।
- बुवाई का समय: फरवरी–मार्च, जून–जुलाई।
2. बीज दर
3. दूरी
- 60 × 100 सेमी
- या 150 × 200 सेमी।
4. खाद व उर्वरक
- गोबर की खाद: 20–25 टन/हेक्टेयर।
- NPK: 20:30:30।
- मिट्टी की आवश्यकता अनुसार सूक्ष्म पोषक तत्व दें।
5. सिंचाई
- फसल अवधि: 100–110 दिन।
- कुल सिंचाई: 8–10 बार।
- अंतराल: 8–10 दिन।
6. प्रभावित करने वाले कारक
- अधिक तापमान
- भारी वर्षा
- जलवायु परिवर्तन
- मिट्टी की उर्वरता
- पानी का pH
- कीट व रोग
1. पेरणीचा हंगाम
- उन्हाळा व खरीप हंगामात लागवड।
- उष्ण व उपोष्ण प्रदेशासाठी योग्य।
- पेरणी: फेब्रुवारी–मार्च, जून–जुलै।
2. बीज दर
3. अंतर
- 60 × 100 सेमी
- किंवा 150 × 200 सेमी।
4. खत व्यवस्थापन
- शेणखत: 20–25 टन/हे।
- रासायनिक खत: NPK 20:30:30।
- मातीच्या चाचणीनुसार सूक्ष्मअन्नद्रव्ये द्यावीत।
5. पाणी व्यवस्थापन
- पीक कालावधी: 100–110 दिवस।
- एकूण पाणी: 8–10 वेळा।
- अंतर: 8–10 दिवस।
6. परिणाम करणारे घटक
- जास्त तापमान
- जोराचा पाऊस
- हवामानातील बदल
- मातीची सुपीकता
- पाण्याचा pH
- किडींचा प्रादुर्भाव
1. વાવણીનો સમય
- ઉનાળો અને ખરીફ મોસમમાં ખેતી।
- ઉષ્ણ અને ઉપોષ્ણ જલવાયુ યોગ્ય।
- વાવણી: ફેબ્રુઆરી–માર્ચ, જૂન–જુલાઈ।
2. બીજ દર
3. અંતર
- 60 × 100 સેમી
- અથવા 150 × 200 સેમી।
4. ખાતર વ્યવસ્થાપન
- એફવાયએમ: 20–25 ટન/હે।
- NPK: 20:30:30।
- જમીનની જરૂર મુજબ માઇક્રોન્યૂટ્રિયન્ટ આપવું।
5. સિંચાઈ
- પાક સમયગાળો: 100–110 દિવસ।
- કુલ પાણી: 8–10 વખત।
- અંતર: 8–10 દિવસ।
6. અસર કરનાર પરિબળો
- વધુ તાપમાન
- ભારે વરસાદ
- જલવાયુ સ્થિતિ
- જમીનની ઉર્વરતા
- પાણીનો pH
- જીવાતો અને રોગો